Shiva Chalisa

दोहा:
जय गिरिजा पति दीन दयाला।
सदा करत संतन प्रतिपाला॥

कैलास वासी शिव अविनाशी।
करत कृपा सब कीन्ही दासी॥

जय गिरिजा पति…

भस्म अंग सोहत चंदन विराजै।
अघन शीश नवाइ मूसे राजै॥

जय गिरिजा पति…

नंदि शिवनिज मन माही वासै।
सोहत सुबह शिव प्यारे कासै॥

जय गिरिजा पति…

कानन कुटीर कुंडल शोभित चारू।
अति शोभित भूषण विचारू॥

जय गिरिजा पति…

अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला।
छामे त्रिशूल धरत शंकर माला॥

जय गिरिजा पति…

कर में खप्पर खड्ग बिराजै।
जाको देख काल दर भाजै॥

जय गिरिजा पति…

श्री शिव अमरनाथी महादेवा।
की जय हो भोलेनाथ की जय हो॥

जय गिरिजा पति…

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *