Santoshi Mata Chalisa

जय सन्तोषी माता, जय जय माता।
अपनों से सन्तोषी, भक्तवती जनता॥

सुख सम्पत्ति कीजे, गृह कल्याणी।
भक्तन वरदायिनी, सुखदायिनी॥

जय सन्तोषी माता…

सुख संपत्ति कीजे, गृह कल्याणी।
भक्तन वरदायिनी, सुखदायिनी॥

रिद्धि-सिद्धि की राज देवी, सतबीरा सन्तोषी माता।
रिद्धि-सिद्धि की राज देवी, सतबीरा सन्तोषी माता॥

तुमसे विश्व में अज्ञात कोई, नहीं कोई अन्य संतोषी माता।
तुमसे विश्व में अज्ञात कोई, नहीं कोई अन्य संतोषी माता॥

तुम विना यज्ञा कीजे, तन तन की सेवा।
श्रद्धा पूर्वक भक्तन द्रव्य चढ़ावा॥

जय सन्तोषी माता…

शुक्रवार को संवर नाम तुम्हारा गावें।
तान पर जग की रक्षा, करता अनुरागें॥

जय सन्तोषी माता…

जिस घर थारो वास हो, भक्ति विद्या विवेक।
तारक भाव सब को लगे, संतन की आशीष से॥

जय सन्तोषी माता…

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