Ganga Chalisa

जय जय जय गंगा माता।
जय जय जय गंगा माता॥

जो नर तरत श्राप से पारी।
पावन नहावे जो यह धारी।।

जय जय जय गंगा माता।
जय जय जय गंगा माता॥

तापित हृदय में जब विचारा।
सो गंगा जानत है बिचारा।।

जय जय जय गंगा माता।
जय जय जय गंगा माता॥

यशोदा के जीवन में जाकर।
श्रीकृष्ण को पावन धारी।।

जय जय जय गंगा माता।
जय जय जय गंगा माता॥

गंगा धार अपार अधमीनी।
धार गंगा मुनि अपार धारी।।

जय जय जय गंगा माता।
जय जय जय गंगा माता॥

सब जग की तारण हरणी।
हर गंगा जननी उपकारिणी।।

जय जय जय गंगा माता।
जय जय जय गंगा माता॥

महिमा अमित तुम्हारी जयेशी।
पावन धार नर उच्च देशी।।

जय जय जय गंगा माता।
जय जय जय गंगा माता॥

संत संग तुम्हारो नित न्यारो।
सो तरत गंगा जननी प्यारो।।

जय जय जय गंगा माता।
जय जय जय गंगा माता॥

देव देवी तुम्हारी दासी।
सो जन तरत जनम जन्म की।।

जय जय जय गंगा माता।
जय जय जय गंगा माता॥

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